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नाक और कान में सरसों का गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ तेल डालने के फायदे, नà¥à¤•सान और जरूरी सावधानियां
नाक और कान में सरसों का तेल डालने की परंपरा à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ घरों में सैकड़ों साल पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ है। इसके कà¥à¤› फायदे हैं तो सावधानी न बरतने पर कà¥à¤› नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं।
नाक और कान शरीर के काफी संवेदनशील (sensitive) अंग हैं, जानकारी का अà¤à¤¾à¤µ होने पर इनमें किसी à¤à¥€ तेल या औषधि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— नहीं करना चाहिà¤à¥¤ अमूमन लोगों को यह असमंजस होता है कि नाक और कान की कोई समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर चिकितà¥à¤¸à¤• को दिखाà¤à¤‚ या घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े अपनाà¤à¤‚। नाक और कान की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ वैसे तो किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हो सकती है, लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤—ों में यह समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखी जाती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में सरसों का गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ तेल à¤à¥€ आपके लिठबेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। सरसों का तेल किसी आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• औषधि (ayurvedic medicine) से कम नहीं हैं, बड़े बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— à¤à¥€ इसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने की सलाह देते हैं। हालांकि सरसों के तेल की तासीर गरà¥à¤® मानी जाती है, इसलिठबहà¥à¤¤ गरà¥à¤® मौसम में इसको नाक, कान में नहीं डालना चाहिà¤à¥¤ लेकिन सामानà¥à¤¯ गरà¥à¤® मौसम या सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से नà¥à¤•सान नहीं होता है। इस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से आज हम आपको इसके फायदे, नà¥à¤•सान और सावधानियों से अवगत कराà¤à¤‚गे।
सरसों का तेल कान और नाक में डालने के फायदे
1. कान का मैल साफ करने में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤•
आजकल कान की ठीक से सफाई नहीं करने से बहà¥à¤¤ से लोगों के कान में मैल (earwax) जमा हो जाता है, जिसे खà¥à¤¦ निकालना काफी कठिन और जोखिम à¤à¤°à¤¾ कारà¥à¤¯ है। à¤à¤¸à¥‡ में सरसों के तेल को थोड़ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ कर कान में डालने से कान का मैल फूल जाता है, जिसके बाद उसे आसानी से निकाला जा सकता है। अगर आप रात में सोने से पहले कान में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ तेल की दो से तीन बूंदे डालते हैं और सà¥à¤¬à¤¹ मैल निकालते हैं तो यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ होगा।
2. कान का दरà¥à¤¦ करे दूर
कई बार बिना किसी वजह के कान में दरà¥à¤¦ होने लगता है, à¤à¤¸à¤¾ महसूस होता है कि कान के परà¥à¤¦à¥‡ हिलने लगे हों। कान में पानी चले जाने, चोट लगने या फिर कई बार मौसम में बदलाव आदि से à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ मामले सामने आते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप सरसों के तेल को हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® कर à¤à¤• से दो बूंदों को कान में डालें। इससे आपको दरà¥à¤¦ में काफी राहत मिलेगी।
3. नाक बंद होने पर करें उपयोग
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में अमूमन लोग जà¥à¤•ाम से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ रहते हैं। जà¥à¤•ाम जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने के कारण कई बार सांस लेने में à¤à¥€ तकलीफ और नाक जाम हो जाती है। सरसों का गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ तेल à¤à¤¸à¥‡ समय में आपके लिठरामबाण है। जà¥à¤•ाम होने पर आप इसकी तीन से चार बूंदो का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं। इससे निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर आपको सांस लेने में आराम मिलेगा। जà¥à¤•ाम की वजह से कई लोगों की नाक à¤à¥€ लाल हो जाती है, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ सरसों का गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ तेल आपकी मदद कर सकता है।
ये हैं कान में सरसों का गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ तेल डालने के नà¥à¤•सान
1. परमानेंट हियरिंग डिसेबिलिटी
कान में लगातार किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का तेल डालने से आप अपनी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ (Hearing loss) तक की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को गवां सकते हैं या फिर लंबे समय के लिठकान की समसà¥à¤¯à¤¾ के शिकार हो सकते हैं। इसलिठकान में तेल के सेवन के फायदे और नà¥à¤•सान से पूरी तरह अवगत होने के बाद ही तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² समà¥à¤šà¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में करें।
2. बढ़ सकती है कान की गंदगी
कान साफ करते समय इस बात का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिठकि कहीं आपके तेल में गंदगी तो नहीं है। आपके सरसों के तेल में यदि पहले से ही किसी पà¥à¤°à¤•ार के गंदे तरल पदारà¥à¤¥ मौजूद हैं तो à¤à¤¸à¥‡ तेल का सेवन आपके कानों में ईयरवैकà¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ को और बढ़ा सकता है, जिससे कानों खà¥à¤œà¤²à¥€ समेत कई अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं।
3. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हो सकती है पस की शिकायत
कई à¤à¤¸à¥‡ मामले देखे गठहैं, जिनमें माà¤à¤‚ छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नहलाकर तà¥à¤°à¤‚त बाद उनके कान में तेल डालती हैं। जो बिलकà¥à¤² गलत है। नहाते समय बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के कान में पानी घà¥à¤¸ जाता है और à¤à¤¸à¥‡ समय में उनके कान में तेल डालने पर तेल और पानी à¤à¤• साथ जमा हो जाता है, जिस कारण पस बनने की à¤à¥€ शिकायत होने लगती है। इसलिठà¤à¤¸à¥‡ मामलों में बिलकà¥à¤² लापरवाही नहीं बरतनी चाहिà¤à¥¤
4. हो सकता है संकà¥à¤°à¤®à¤£
तेल डालते समय इसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अवशà¥à¤¯ रखें कि आपका तेल आपकी नाक और कान के लिठपूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तो है कहीं उसमें कोई हानिकारक पदारà¥à¤¥ तो नहीं हैं। अगर à¤à¤¸à¤¾ है तो आप कान के संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Infection) के शिकार हो सकते हैं। संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के कारण आपकी सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर à¤à¥€ काफी असर पड़ सकता है। यह आपको लंबे समय के लिठà¤à¥€ परेशान कर सकता है।
कान और नाक में तेल डालते समय बरतें कà¥à¤› सावधानियां
कान और नाक में तेल डालते समय तेल की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ का खास खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखें।
चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह के बिना इसका उपयोग करने से बचें।
इयरवैकà¥à¤¸ निकालते समय सरसों के तेल का सेवन बिलकà¥à¤² न करें।
नियमित रूप से नाक और कान में सरसों के तेल का सेवन करने से बचें।
कान और नाक में तेल डालना कई मायनों में फायदेमंद है तो कई बार इसके गलत परिणाम à¤à¥€ सामने आ सकते हैं। इसलिठजरूरी है कि कान और नाक के लिठसरसों के तेल के फायदे, नà¥à¤•सान और कà¥à¤› सावधानियां अचà¥à¤›à¥‡ से जान लें तà¤à¥€ इसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। इस लेख में दिठगठसà¥à¤à¤¾à¤µ आपके लिठकाफी मददगार साबित हो सकते हैं।
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